लुटेरा 'लोक'

कुछ दिनों पहले मुर्गियों से लदे एक ट्रक के पलटने का वीडियो आया था। जिसमें लोगों ने ड्राइवर को बचाने बजाय मुर्गियां लूटना सही समझा। इसे छोड़ दिया जाये तो भी, पिछले साल प्रधानमंत्री के साथ योग कर रहे लोगों नें चटाईयां तक लूट ली थी। अंग्रेजी स्कूलों में पढऩे-लिखने वाले लोगों ने दो-दो, तीन-तीन पर हाथ साफ किया था। इसलिए राहुल गांधी की खाट पंचायत में अगर लोगों नें खटिया लूट भी ली होगी तो कोई अजूबा नहीं है। दरअसल यह हमारे 'लोक' की प्रवृत्ति ही लूटक है।

यहां लोग ट्रेन से पंखे और टोंटियां निकाल ले जाते हैं, बाढ़ में भोजन के पैकेट के लूट लेते हैं, मौका पाते ही प्राइमरी स्कूलों में लगे बल्ब और ताले तक नहीं छोड़ते। जो जहां मौका पाता है वहीं अपनी प्रतिभा दिखाता है। लेकिन व्यवस्था पर सब एक जैसे समवेत स्वर में कोसते हैं।

बेशक खुशी मनाईए कांग्रेस की खाट पंचायत के फ्लॉप होने की। क्यों नहीं मनायेंगे,  किसी को टीआरपी मिल रही, किसी की राजनीति चमक रही। पर थोड़ी फुर्सत मिले तो सोचियेगा, लूटने वाला जननेता भी तो इसी जन समूह से आता है ...

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