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गोल रोटियों का हसीन सपना

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खाना बनाते समय सारी रोटी फूलने की सफलता को 'हैप्पीनेस ऑफ द डे' की कैटेगरी में रखा जा सकता है या नहीं ! मेरे ख्याल से यह डिजर्व करता है. रोटी पलटने और फिर उसे गैस चूल्हे की आंच पर रखने का टाइमिंग वैसा ही होता है जैसे पानी में डुबोकर बिस्किट खाना और पुरानी बुलेट का किक मारने से पहले कांटा मिलाना. रोटी में जैसे, जैसे भाप भरती है, वह टू डी से थ्री डी में बदलती है, करेजा भी एकदम गद्गद् होता जाता है. जब तक उसकी भाप नहीं निकली होती, ऐसा लगता है ... बस्स चांद तारे सूरज सब ठहर जाएं और ये यूं ही फूली रहे . लेकिन जिस तरह सूरज का निकलने के बाद डूबना तय है, इस धरती पर जन्म लेने वाले जीव का मरना तय है, उसी तरह तरह फूली हुई रोटी का पिचकना तय है. सूंsssss की आवाज के साथ कहीं न कहीं से छेद हो ही जाता है.
बनाई गई सभी रोटियों का फूलना एक ऐसी दुर्लभ घटना है जो हमारे अब तक पाक कला के एक्सपीरियंस में यदा-कदा हुई है. अक्सर फूली और न फूली रोटियों का अनुपात फिफ्टी-फिफ्टी का होता है.
रोटी का पूरी तरह गोल, जिस तरह अम्मा को बनाना देखा है, वह हमारे लिए अभी भी फैसनेटिंग है. सचिन तेंदुलकर को चौका मारते देखकर …

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से क्रांति का भ्रम

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म वैकल्पिक मीडिया बनते बनते रह गया। यह अब कांस्पीरेसी का हथियार बन गया है। इसका इस्तेमाल जरूरी मुद्दों को दबाने और अस्थिरता फैलाने के लिए संगठित तरीके से किया जा रहा है। हमने पिछले कुछ दिनों में इतनी खबरें पढ़ ली है सोशल मीडिया से कांस्पीरेसी की कि मन में कहीं गहरे यह बैठने सा लग गया है, जो हम शेयर, प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं कहीं वह भी तो इसी का हिस्सा तो नहीं? कहीं हम इस्तेमाल तो नहीं हो रहे हैं। जिस मीम्स पर हम बैडौल से हाहाहाहा का रिएक्शन देकर आगे बढ़ जाते हैं या किसी पोस्ट पर कुछ नैनो सेकेंड के लिए ही दुखी हो जाते हैं वह प्रायोजित हो सकता है।
जिस आवाज को हम एंटी इस्टेबलिशमेंट समझते हों और वह भी जिसे प्रो गवर्नमेंट, दोनों सरकार के खड़े किए गए हैं, ऐसा पता चले तो आप पर क्या बीतेगी ? दरअसल ऐसा हो रहा है. जो चीज हम सरकार के खिलाफ और समर्थन में शेयर कर रहे हैं, उस पर रिएक्शन दे रहे हैं उसमें से काफी संख्या में कंटेट ऐसा होने की संभावना है, जो खास तरह के प्रपोगंडा का हिस्सा है या होने की संभावना है।
साल 2017 में आई अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की रिपोर्ट कहती ह…