कौन था वह

कौन था वह,

जिसने सबसे पहले

धरती की छाती पर टैटू गोदा होगा,

उगाया उन रेखाओं पर 

नफरत की नागफनी,

कितना सींचा होगा लहू से,

फिर बना होगा एक एक कबीला,

ऐसे ऐसे कितने कबीले बने होंगे,

सब अपनी नींव नरमुंडों पर ही खड़ी किए होंगे !

कबीले कब देश हो गए

पता ही नहीं चला,

फिर बनाया सबने एक एक झंडा

लगाया उसमें एक बड़ा सा डंडा |

झंडे का आकार बढ़ता गया

इंसानों के शरीर से कपड़ा उतरता गया,

वह जब भी ठिठुरते हुए कपड़े के लिए चीखता,

एक बड़ा झंडे वाला डपटता

तू देशद्रोही 

तुझे झंडे का सम्मान नहीं आता |

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